अध्याय 114

"नहीं," कैरोलीन ने सपाट स्वर में कहा और तुरंत दरवाज़ा बंद करने लगी।

उभरी हुई गाँठों वाली एक हथेली ने उसका रास्ता रोक लिया; दरवाज़ा एक इंच भी नहीं हिला।

"कैरोलीन, वो तुम्हारी बहन है," उसने ठंडे लहजे में कहा।

कैरोलीन के होंठों पर हल्की-सी मुस्कान आई। "तो? मिस्टर विंडसर, कहीं आप ये तो नहीं कहेंगे कि...

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